Tuesday, July 17, 2018

 

हम चले भुवनेश्वर

हम चले भुवनेश्वर

चलो भुवनेश्वर, चलो भुवनेश्वर, आशियाने मे लहर उठी
चंदनजी का बुलावा आया, चले चलो सभी.
टिकट कटे, बॅग बँधे, लावासासे गाड़ियाँ चली
कलिन्ग, उत्कलकी पुण्य भूमिपर आख़िर जहाज़ उतरी!
चंदनजी ने किया स्टाइलमे स्वागत सबका
BMW, मर्सिडीस गाड़ियाँ खड़ी हमारी सेवा!
सुबह जगन्नाथजी का प्रशाद, श्यामको शिवजी का सोम्ररस
स्टीम माच्छ, दाल्मा,च्छेन्ना, रसगुल्ले ख़ाके हुए सुस्त.
छिलिकामे डॉल्फिन की डुबकियाँ, बोट मे हमारी मस्तियाँ
बच्चे बन गये सारे दादा-नाना, पीछे न थी दादी-नानियाँ!
अतिथि देव भव का नारा चंदन जी ने सच कर दिखाया!!








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