Tuesday, July 17, 2018
Jashn Anthem
जश्न का बुलावा आया!
जश्न का बुलावा आया, आशियाना मे धूम मची!
ओमजी की याद मे, आओ उत्सव मनाए सभी!
परेशानियाँ सारी भुलाकर, शिकवे-गिले सब छोड़कर
कुछ क्षण मस्ती मे झूमकर, सुनहरे बचपन को याद कर
खेलके मैदान मे कूदकर, अपने टीम संग जूट कर
दादा- दादी, नाना- नानी फिर बच्चों सी हरकत कर!
"मै ठुमरी के सुर सजाऊं, आप ग़ज़ल पेश करें
मै कथक, तू भांगड़ा, आप होले होले हिप-हॉप करें"
कुछ ऐसे चरचे आम हुए, कभी जोरा-ज़ोरी कभी खींचा-तानी
कभी तू-तू, कभी मै-मै, पर उत्साह की कमी नही!
कभी मन मे लड्डू फूटते, कभी तितलियाँ दिल मे मचलती
पर सोई हिम्मत जगी है और जीत का मशाल जला है!
टिकट कटे, बॅग बँधे, जल्लोश की लहर मे गाड़ियाँ चली!
हवाओं मे नारे गूँजे; ट्रोफी हमारी! ट्रोफी हमारी!
जश्न का बुलावा आया, आशियाना मे धूम मची!
ओमजी की याद मे, आओ उत्सव मनाए सभी!
जश्न का बुलावा आया, आशियाना मे धूम मची!
ओमजी की याद मे, आओ उत्सव मनाए सभी!
परेशानियाँ सारी भुलाकर, शिकवे-गिले सब छोड़कर
कुछ क्षण मस्ती मे झूमकर, सुनहरे बचपन को याद कर
खेलके मैदान मे कूदकर, अपने टीम संग जूट कर
दादा- दादी, नाना- नानी फिर बच्चों सी हरकत कर!
"मै ठुमरी के सुर सजाऊं, आप ग़ज़ल पेश करें
मै कथक, तू भांगड़ा, आप होले होले हिप-हॉप करें"
कुछ ऐसे चरचे आम हुए, कभी जोरा-ज़ोरी कभी खींचा-तानी
कभी तू-तू, कभी मै-मै, पर उत्साह की कमी नही!
कभी मन मे लड्डू फूटते, कभी तितलियाँ दिल मे मचलती
पर सोई हिम्मत जगी है और जीत का मशाल जला है!
टिकट कटे, बॅग बँधे, जल्लोश की लहर मे गाड़ियाँ चली!
हवाओं मे नारे गूँजे; ट्रोफी हमारी! ट्रोफी हमारी!
जश्न का बुलावा आया, आशियाना मे धूम मची!
ओमजी की याद मे, आओ उत्सव मनाए सभी!